कॉकरोच 😱💀 (Horror Story)

Horror Story in Hindi
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समर 25 साल का एक Gen Z था। वह एक फ्रीलांस ग्राफिक डिजाइनर था। हालात खस्ता होने के कारण, मतलब बजट की कमी के कारण, उसने शहर से थोड़ा आउट में, एक बहुत पुराने फ्लैट में, तीसरा फ्लोर किराए पर लिया था। फ्लैट का किराया कम था, जो समर के बजट में था। मकान मालिक 75 साल का एक बूढ़ा आदमी था, उसने समर को चाबी देते वक्त, एक वीयर्ड स्माइल करते हुए, भारी और धीमी आवाज में कहा, बेटा किराया आज ही दे दो कल की किसको पता है।

समर एक Gen Z था, उसने सोचा बुड्ढा थोड़ा खूसठ है। इसलिये उसने उस बूढ़े मकान मालिक की बात पर ज्यादा ध्यान नहीं दिया, और झट से किराया निकाल कर उसके हाथ में दे दिया। वह बूढ़ा मकान मालिक किराया लेकर जाने लगा और जाते-जाते उसने समर की ओर मुड़कर देखा और एक वियर्ड सी स्माइल देते हुए चला गया।

खैर समर ने मन ही मन उसे दो-चार गालियां दी और इन सब बातों को इग्नोर करते हुए अपना रूम सेट करना शुरू किया, उसने बड़े अच्छे से बेड, अलमारी हर एक समान को अपनी जगह सेट किया। 
रूम सेट करते-करते समर को रात के 11:00 बज चुके थे। 

वह अब नहा धोकर फ्रेश हुआ, 'गरमा गरम मैगी बनाई और बालकनी पर खड़ा होकर, ताजी हवा को एंजॉय करते हुए अपनी डिलीशियस मैगी खाते हुए अपनी गर्लफ्रेंड से फोन पर बात करने लगा।

बालकनी पर खड़े-खड़े, मतलब फोन पर गर्लफ्रेंड से बात करते, उसे अब रात के 12 बज चुके थे। क्योंकि गर्लफ्रेंड से बात करते हुए समय का पता भी कहां चलता है। खैर उसने अब फोन रखा, अंदर आया, दरवाजा बंद किया और अपना लैपटॉप खोल कर काम करने बैठ गया। करीब रात के दो बजे, सन्नाटे को चीरती हुई एक आवाज आई—कट... कट... कटररर।

समर ने आवाज पर ध्यान दिया तो यह आवाज उसे किचन से आ रही थी। वह किचन में गया और उसने देखा कि किचन के सिंक के पास एक कॉकरोच बैठा था। लेकिन वह कोई साधारण कॉकरोच नहीं था। उसका आकार एक बिल्ली के बच्चे जितना बड़ा था। वह कॉकरोच नॉर्मल भूरा नहीं, बल्कि डार्क लाल था। जैसे वह खून में नहाया हुआ हो।

उसकी छह टांगों के सिरों पर सुई जैसे नुकीले कांटे थे, जो फर्श पर पड़ते ही कटकट की आवाज कर रहे थे। उस कॉकरोच को देखते ही समर की गां### फट गई। समर के शरीर में एक सिरहन सी दौड़ गई। समर ने ऐसा कॉकरोच अपनी जिंदगी में कभी नहीं देखा था। लेकिन समर ने अपने डर पर काबू करते हुए, किचन में रखा हुआ पत्थर का भारी चकला, उस कॉकरोच के ऊपर गिरा दिया ।

कॉकरोच के ऊपर पत्थर का भारी चकला गिरते ही, एक घिनौनी सी आवाज हुई पच्च्। कॉकरोच के अंदर से गाढ़ा, पीला और लाल रंग का बदबूदार लिक्विड जैसा फर्श पर बिखर गया। समर को लगा कि कॉकरोच मर गया और किस्सा खत्म हो गया। लेकिन उसे क्या पता था, कि उसके साथ जो होने वाला है, यह तो बस उसकी शुरुआत थी। 

वह टिशू पेपर से उसे साफ करने झुका। लेकिन तभी, उस मरे हुए कॉकरोच का पेट बीच से फटा, और उसके अंदर से इंसान की दो कटी हुई उंगलियाँ बाहर गिरीं, जिन पर अभी भी ताजा खून लगा था। समर का दिमाग सुन्न हो गया। वह उंगलियाँ किसी औरत की थीं, जिन पर अभी भी आधी मिटी हुई नेलपॉलिश दिख रही थी।

यह देखकर तो समर की गां### पूरी तरह से फट गयी। इतनी की सिलने से भी न सिले । समर का दिल जोरो से धक-धक करने लगा। उसकी सांसे जोर-जोर से ऊपर नीचे होने लगी। वह जल्दी से उल्टे पैर पीछे हटा। वह पुलिस को फोन करने के लिए अपना मोबाइल ढूंढने लगा। तभी अचानक पूरे अपार्टमेंट की लाइट चली गई। केवल समर के लैपटॉप की नीली स्क्रीन कमरे को हल्का सा उजाला दे रही थी। 

उस नीली रोशनी में समर ने जो देखा, उसने उसकी चीख गले में ही दफन कर दी।
दीवार की दरारें और छत के कोनों से पूरे कमरे में हजारों, लाखों की तादाद में कॉकरोच चल रहे थे। वे सब इंसानी गंध पाकर पागल हो रहे थे। उनकी जीभ इंसानी मांस के लिए लपर-लपर कर रही थी। उनके पंखों के आपस में रगड़ने की आवाज सर्रर्र... सर्रर्र... पूरे कमरे में गूंजने लगी, जो बेहद डरावनी लग रही थी।

समर घबरा कर बाहर भगाने के लिए दरवाजे की तरफ दौड़ा, और उसने जैसे ही हैंडल पर हाथ रखा, उसे ऐसा महसूस हुआ, जैसे उसके हाथ में कई कांटे एक साथ चुभ गए हों। उसे बहुत तेज दर्द हुआ, इतना कि जैसे हाथ कट कर गिर गया हो। उसने दरवाजे की हैंडल को गौर से देखा तो, हैंडल पर दर्जनों कॉकरोच बैठे थे, और उनके नुकीले डंक समर की हथेली के अंदर धंस चुके थे। 

समर के हाथ से खून निकल रहा था। समर ने चीखते हुए अपना हाथ झटका। फर्श पर समर का खून गिरते ही, उस बहते हुए खून को वे कॉकरोच इस तरह चाटने लगे जैसे की भौ###ड़ी के सदियों से भूखे हों। खून का स्वाद लगते ही, वे अब और बड़े और एग्रेसिव हो रहे थे।

बाहर जाने वाला मेंन डोर कॉकरोचों की एक जिंदा, हिलती हुई दीवार बन चुका था। समर ने भाग कर खुद को दूसरे रूम में बंद कर लिया, और एक भारी अलमारी को दरवाजे के आगे खिसका दिया। लेकिन यह इन शैतानी कॉकरोचों को रोकने के लिए काफी नहीं था।
कटर... कटर... कटर...

वे भौ### के शैतानी कॉकरोच समर के पास पहुंचने के लिए उस लकड़ी के दरवाजे को अपने दांतों से चबाने लगे। समर ने घबराकर देखा कि दरवाजे के निचले हिस्से से लकड़ी का चूरा गिर रहा था। वे शैतानी कॉकरोच दरवाजे को चबा रहे थे। कुछ ही मिनटों में दरवाजे में एक बड़ा छेद हो गया। सबसे पहले एक बड़ा, नरभक्षी कॉकरोच अंदर घुसा। उसकी आंखें अंधेरे में लाल मोतियों की तरह चमक रही थीं। उसके मुंह के पास दो नुकीले जबड़े थे, जो कैंची की तरह चल रहे थे।

वह कॉकरोच सीधे समर की तरफ उछला और सीधे उसकी गां### को मुंह से पड़कर लटक गया। समर चिल्लाया। उस शैतानी कॉकरोच ने समर की गां### का गांस अपने जबड़ों से इतना गहरा काट लिया, कि उसकी गां### की हड्डी दिखने लगी। समर की गां### से मांस का एक बड़ा टुकड़ा अलग हो गया और समर का गां### से नीचे का हिस्सा खून से लथपथ हो गया। समर दर्द से कराह रहा था। उसे इतना असहनीय दर्द हो रहा था, जैसे कि मानो उसके ऊपर कोई भारी भरकम ट्रक चढ़ गया हो ।

लेकिन फिर भी, समर हिम्मत जुटाते हुए, अपनी जान बचाने के लिए, पास पड़ी कांच की बोतल उठाई, और उस ह###मी शैतानी कॉकरोच के सिर पर दे मारी। उसका सिर कुचल गया, लेकिन उसका धड़ अभी भी समर के पीछवाड़े से चिपका हुआ था और उसके पैर लगातार हिल रहे थे।

तभी उन ह###मी शैतानी कॉकरोचों ने दरवाजे को काटते काटते पूरा दरवाजा गिरा दिया। लाखों कॉकरोचों का एक समंदर बेडरूम के अंदर घुस आया। समर बेड पर चढ़ गया, लेकिन वे कॉकरोच बेड के पायों के सहारे ऊपर चढ़ने लगे। वे समर के शरीर पर रेंगने लगे। उनके नुकीले पैर समर की त्वचा को छील रहे थे।

समर अपनी पूरी ताकत से उन्हें अपने शरीर से नोच नोच कर फेंक रहा था। वह अपनी ही त्वचा को नोंच रहा था। हर तरफ खून ही खून था। समर का अपना खून और उन शैतानी कॉकरोच को कुचलने से निकलने वाला पीला-लाल गाढ़ा लिक्विड, पूरा कमरा एक कसाईखाने में बदल चुका था।

चीखते-चीखते समर का गला बैठ गया था। अचानक, लाखों कॉकरोचों की वह भीड़ थोड़ी पीछे हटी। उन्होंने कमरे के बीच में एक घेरा बना लिया। समर, जो अब आधा खाया जा चुका था, बेड पर तड़प रहा था। उसके शरीर के कई हिस्सों से हड्डियाँ दिखाई देने लगी थीं।

तभी गटर के रास्ते से एक विशालकाय आकृति कमरे में दाखिल हुई। वह शैतानी कॉकरोचों का राजा था। वह शैतानी कॉकरोच एक पूरे इंसान जितना बड़ा था। उसका चेहरा आधा कॉकरोच और आधा किसी सड़ी हुई लाश जैसा था। समर जो अब अधमरा हो चुका था, अपनी बंद होती धुंधली आंखों से उसे देखा रहा था।

वह विशाल भूतिया कॉकरोच समर के पास आया। उसके मुंह से लार टपक रही थी, जो समर के जख्मों पर गिरते ही तेजाब की तरह त्वचा को जला रही थी। अधमरी हालत में भी समर की चींखें निकल रहीं थीं। समर हिल भी नहीं पा रहा था। उसने आखिरी बार अपनी आँखें बंद कीं, जब उस भूतिया कॉकरोच के विशाल जबड़े उसकी गर्दन की तरफ बढ़े... कड़ाक।

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