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Showing posts from May, 2026

आखरी कॉल😱 (एक छोटी सी कहानी)

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प्रियंका रात के 12:00 बजे अपने ऑफिस से घर लौट रही थी। अगस्त का महीना था, हल्की-हल्की बारिश हो रही थी। बारिश की वजह से सड़क पर सन्नाटा पसरा हुआ था। प्रियंका अपनी मस्ती में गाना गुनगुनाते हुए गाड़ी चला रही थी। तभी उसके फोन की घंटी बजती है। यह फोन उसके पापा का था। 2 मिनट तक तो फोन से कोई आवाज नहीं आती है, और प्रियंका हेलो हेलो पापा आप कुछ बोल क्यूं नही रहे, हैलो पापा हैलो, तभी 2 मिनट बाद उसके पापा रोते हुए घबराई आवाज में बोलते हैं। प्रियंका बेटी प्रियंका बेटी घर मत आना, यहां कोई तुम्हारे कमरे में तुम्हारी शक्ल लिए बैठा हुआ है। यह सुनते ही प्रियंका के होश उड़ जाते हैं। प्रियंका ने डरते हुए पूछा पापा, पापा आप यह क्या कह रहे हो, तभी दूसरी तरफ से उसके पापा की आवाज अचानक बदल जाती है, और वह एक भयानक सी हंसी हंसने लगते हैं।  प्रियंका को महसूस होता है कि यह हसी की आवाज फोन में से नहीं बल्कि सीट के पीछे से आ रही है, और जैसे ही प्रियंका मुड़कर पीछे देखती है, उसके चेहरे का तो रंग ही उड़ जाता है। क्योंकि सीट पर कोई और नहीं बल्कि उसके पापा ही बैठे हुए थे, जो एक अजीब सी स्माइल करते हुए प्रियंका को ...

किराएदार (रूह कपा देने वाली एक सच्ची घटना)☠️💀

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    मेरा नाम प्रियंका है । यह कहानी मेरे बटे सतीश की है , जो महज 25 साल का था । मैं और मेरा बेटा सतीश लखनऊ में रहते थे । मेरे पति 8 साल पहले सड़क दुर्घटना में चल बसे थे । मैं और मेरा बेटा सतीश बहुत हंसी खुशी अपना जीवन व्यतीत कर रहे थे । सतीश बहुत हंस-मुख और चंचल स्वभाव का लड़का था । वह सब का प्यार था आस-पड़ोस सभी उसे बहुत प्यार करते थे , करते भी क्यों ना वह था ही ऐसा ।   एक दिन 18 जनवरी 2026 को हमारे घर पोस्ट ऑफिस से एक डाक आई , सतीश ने डाक को खोल कर देखा और उसकी खुशी का ठिकाना ना रहा । वह कोई डाक नहीं बल्कि मेरे बेटे का जोइनिंग लेटर था । सतीश की एसबीआई बैंक में पीओ की पोस्ट पर नौकरी लगने का जोइनिंग लेटर था , लेकिन उसे जॉइनिंग दिल्ली में करनी थी । मैं सतीश की नौकरी लगने से बेहद खुश थी , लेकिन एक गम भी था कि मेरा बेटा अब मुझसे दूर दिल्ली चला जाएगा । यह सोचकर मेरी आंखों से आंसू आ गए , लेकिन सतीश ने मुझे समझाया और बोला की मां चिंता मत करो मैं आता जाता रहूंगा और ठीक से सेटल होने के बाद तुम्हें भी फिर वही अपने साथ रहने के लिए दिल्ली ले जाऊंगा ।   अगले ही दिन सतीश दिल्ली क...

शिवरात्री की वो भयानक रात☠️💀

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यह बात शिवरात्रि (15 फरवरी 2026, दिन:रविवार) की है । मेरा घर पहाड़ी इलाके सोनभद्र में स्थित है । मेरे घर से 1 किलोमीटर दूरी पर पहाड़ी पर एक बहुत पुराना भोले बाबा का गुफा मंदिर है, पहाड़ी पर स्थित होने के कारण यह बहुत वीराना रहता है ।पहाड़ी पर मंदिर के एक दो पुजारी के अलावा यहां कोई नहीं रहता, इक्का दुक्का लोग कभी कभार यहां दर्शन करने आ जाते हैं । लेकिन शिवरात्रि के दिन यहां हजारों भक्त मंदिर में भोले बाबा को जल चढ़ाने आते हैं ।  उस दिन (शिवरात्रि के दिन) सुबह 7:00 बजे मुझे बनारस निकलना था । इसलिए मैंने सोचा सुबह 4:00 बजे ही में मंदिर में जल चढ़ा आऊंगा क्योंकि सुबह 6:00 बजते ही वहां हजारों लोगों की भीड़ लगना शुरू हो जाएगी , और मुझे बनारस निकलने में बहुत देर हो जाएगी ।इसलिए मैं उस दिन 3:00 बजे उठकर नहा धोकर तैयार होकर लोटे में जल लेकर 4:00 बजे सुबह  मंदिर के लिए निकल गया । पहाड़ी पर होने के कारण रास्ता जंगल से होते हुए जाता है । जाड़ों की सुबह 4:00 बजे तो सड़के भी वीरान पड़ी रहती हैं तो पहाड़ी की ओर जाने वाली जंगली रास्ते पर तो कौन ही दिखेगा । रास्ता एकदम सुनसान था भयानक का...