Posts

Showing posts from July, 2026

रात को शिशा नहीं देखना चाहिए (सच्ची घटना पर आधारित)😱💀

Image
रात को शिशा नहीं देखना चाहिए     राहुल अल्मोड़ा, उत्तराखंड का रहने वाला था,  लेकिन मुंबई में रहकर एक कॉल सेंटर में काम करता था।  वह दोपहर 2:00 से रात 11:00  बजे  की शिफ्ट में काम करता था। ऑफिस का काम खत्म करने के बाद, लेट नाइट घर पहुंचना,लेट नाइट खाना खाना,लेट नाइट जागना उसकी आदत बन चुकी थी। लेकिन उस एक रात ने उसकी जिंदगी को हमेशा के लिए कभी न खत्म होने वाले एक बुरे हादसे में बदल दिया। आखिर क्या थी वह घटना ? चलिए विस्तार से जानते हैं! दिसंबर का महीना था, हड्डी गला देने वाली ठंड पड़ रही थी।  राहुल रात 11:00 बजे कॉल सेंटर से अपना काम खत्म करके, अपने घर के लिए निकला।  घर पहुंचते पहुंचते उसे रात के 12:00 बज चुके थे।  पूरी सोसाइटी मैं सन्नाटा छाया हुआ था,  जैसे कि यहां कोई रहता ही ना हो। आज तो सोसाइटी का सिक्योरिटी गार्ड भी कहीं दिखाई नहीं दे रहा था। शायद वह भी इस कड़कड़ाती ठंड में चादर ओढ़े कहीं कोने में सो रहा होगा। बर्फीली ठंडी हवा की सांय-सांय की आवाज कानों को छू रही थी। राहुल हथेलियों को रगड़ता हुआ, तेज कदमों से अपने फ्लैट पर पहुंचा...

खैट पर्वत का रहस्य: क्या बबीता पांडे को "आछरी" ले गई ?

Image
😱💀रहस्यमई खैट पर्वत: आछरियों की सच्ची और खौफनाक कहानी नैनीताल (रामनगर) की रहने वाली 24 साल की MBA छात्रा बबीता पांडे उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले में स्थित प्रसिद्ध दयारा बुग्याल ट्रैक से 29 मई 2026 की रात से रहस्यमयी तरीके से लापता है । प्रशासन की भारी भरकम टीमों (SDRF, NDRF, ITBP, सेना, ड्रोन और स्निफर डॉग्स) द्वारा एक महीने से ज्यादा समय तक चले बड़े रेस्क्यू ऑपरेशन के बावजूद उनका कोई सुराग नहीं मिल पाया है। लेकिन स्थानीय लोगों में एक सुदबुदाहट है। वहां के स्थानीय लोगों का कहना है कि उसे ' आछरी ' ले गई टिहरी के ही बगड़ गांव से जहां जीतू नाम का एक नौजवान लड़का रहता था। जीतू अपनी बहन सोबनी को लेने उसके ससुराल जा रहा था। रास्ते में वही रहस्यमय और डरावना खैट पर्वत पड़ता था। दोपहर का वक्त था चारों तरफ सन्नाटा था, जीतू थक्कर एक बड़े पत्थर पर बैठ गया। जीतू अपने पास बांसुरी रखता था, उस टाइम समय बिताने के लिए बांसुरी वगैरा ही टाइम पास के साधन हुआ करते थे।  उसने अपनी जेब से बांसुरी निकाली और और बजाने लगा । और जीतू भी रहस्यमय तरीके से गायब हो गया। कहते हैं उसे भी " आछरी " ...